Organization

The Haryana State Commission for Safai Karamcharis was formed on 06th November 2017. The Chairman, Vice-chairman and Members of the Commission undertake extensive touring of the state to study the socio-economic and living conditions of Safai Karamcharis and their dependents. During their visits, the members of the Commission interact with the Safai Karamcharis- both individually as well as through their representative associations. The grievances of the Safai Karamcharis are then taken up by the Commission with the concerned local civil and police authorities.

Based on the information received, the Commission is forming a ‘Reformative Policy for Safai Karamcharis of Haryana’. The commission also takes cognizance of problems of Safai Karamcharis and try to resolve them by playing a proactive role. The commission reviews, monitors and evaluates the implementation of the schemes and services for safai karamcharis of Haryana. Based on its findings, the Commission give its recommendations for rehabilitation and liberation of Safai Karamcharis with the Department of Social Justice and Empowerment. Simultaneously the commission ensures coordination with other departments of the overall welfare of safai karamcharis and their family.

हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन 06 नवंबर 2017 को किया गया था। आयोग के अध्यक्ष उपाध्यक्ष और सदस्यों ने राज्य के व्यापक भ्रमण का कार्य किया। जिसमें सफाईकर्मियों और उनके आश्रितों के सामाजिक.आर्थिक और रहन.सहन की स्थिति का अध्ययन किया गया। अपनी यात्राओं के दौरान आयोग के सदस्य सफाई कर्मचारी के साथ.साथ व्यक्तिगत रूप से और उनके प्रतिनिधि संघों के माध्यम से भी बातचीत करते हैं। आयोग द्वारा संबंधित स्थानीय नागरिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सफाई कर्मचारी की शिकायतों को उठाया जाता है।

प्राप्त जानकारी के आधार पर आयोग हरियाणा के सफाई कर्मचारियों के लिए सुधार नीति का गठन कर रहा है। आयोग सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का भी संज्ञान लेता है और सक्रिय भूमिका निभाकर उन्हें हल करने का प्रयास करता है। आयोग हरियाणा की सफ़ाईकर्मियों के लिए योजनाओं और सेवाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा निगरानी और मूल्यांकन करता है। अपने निष्कर्षों के आधार पर आयोग सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के साथ सफाईकर्मचारियों के पुनर्वास और मुक्ति के लिए अपनी सिफारिशें देता है। इसके साथ ही आयोग सफ़ाईकर्मियों और उनके परिवार के समग्र कल्याण के अन्य विभागों के साथ समन्वय सुनिश्चित करता है।